श्री राम जन्मोत्सव
21 अप्रैल 2021
सुबह 10 बजे
श्री अंजनीलाल मंदिर धाम, ब्यावरा

हर साल की तरह इस साल भी श्री राम जी की आरती में अपने पूरे परिवार के साथ शामिल हों। और राम नवमी का प्रसाद ले।

भगवान श्री राम जी के मन्दिर निर्माण के लिये भूमि पूजन दिनाक 1 अक्टोबर 2003 को व निर्माण कार्य पूर्ण होने पर दिनाक 4 दिसम्बर 2011 को बहुत विशाल स्तर पर प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव मनाया गया। इस महोत्सव में प्रथम आठ दिवस तक प्राण प्रतिष्ठा में वैदिक रीति से होने वाले समस्त पूजा पाठ, अभिषेक अनुष्ठान, हवनशांति, व अखण्ड रामायण पाठ आदि का आयोजन किया गया, नगर में एक विशाल शोभा यात्रा निकाली गई। इस आयोजन में एक विशाल भण्डारे का भी आयोजन किया गया जिसमे करीब एक लाख पचास हजार भक्तो ने महा प्रसादी (भोजन) ग्रहण की इस अवसर पर भी वह सब चमत्कार देखने को मिले जो भगवान व्दादश ज्योतिर्लिंगेश्वर महादेव जी कि प्राण प्रतिष्ठा के सुअवसर पर देखने को मिले थे। इस आयोजन के पश्चात आने वाली प्रथम चैत्र नवरात्री के शुभ अवसर पर दिनाक 4 अप्रैल 2011 से 12 अप्रैल 2011 तक नवरात्री महोत्सव मनाया गया। 12 अप्रैल 2011 को राम नवमी के पावन अवसर पर राम जन्मोत्सव मनाया गया तभी से निरन्तर प्रति वर्ष भगवान श्री राम जी का जन्मोत्सव राम नवमी के पावन पर्व पर श्री राम जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है।

इस दिन सभी मन्दिरों को पुष्प व विधुत से सजाया जाता हें भगवान का विशेष व दर्शनीय श्रगार किया जाता है। इस दिन दोपहर 12 बजे भगवान श्री राम जी का जन्म हुआ था अत: ठीक 12 बजे नयनाभिराम श्रगारित भगवान श्री राम जी के दर्शन खुलते हें इस अवसर पर मन्दिर में अपार जन समूह उपस्थित रहता हें भगवान कि महा आरती होती हें उसके पश्चात शयन आरती तक सभी दशनार्थियो को विशिष्ठ प्रसाद का वितरण होता रहता हें इस दिन पुरे मालवा क्षेत्र से भारी तादाद में दर्शनार्थी पधारते हें इससे यह उत्सव एक मेले का रूप धारण कर लेता है।